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Bihar Toll Policy 2026: ₹250 लोकल पास, ₹2500 राज्यव्यापी पास, बाइक-ट्रैक्टर के लिए नए नियम, जानिए पूरी टोल व्यवस्था

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Alam Ki Khabar: बिहार सरकार की नई टोल पॉलिसी में स्थानीय लोगों के लिए ₹250 मासिक पास, पूरे बिहार के लिए ₹2500 अनलिमिटेड पास, कृषि ट्रैक्टरों को टोल से छूट और बाइक चालकों के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। जानिए पूरी जानकारी।

पटना, 12 जुलाई। आलम की खबर:बिहार सरकार ने राज्य के अधीन आने वाले स्टेट हाईवे और पुलों पर टोल वसूली की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सरल और जनहितकारी बनाने के उद्देश्य से नई टोल पॉलिसी तैयार की है। नई व्यवस्था में सबसे बड़ी राहत स्थानीय निवासियों, नियमित यात्रा करने वाले वाहन चालकों और किसानों को दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे एक ओर आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम होगा तो दूसरी ओर सड़कों के रखरखाव और विकास के लिए आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध होंगे। नई नीति के तहत संबंधित टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले वाहन मालिक केवल 250 रुपये का मासिक पास बनवाकर पूरे महीने असीमित बार उस टोल प्लाजा से आवागमन कर सकेंगे। यह सुविधा केवल उन्हीं लोगों को मिलेगी जिनके वाहन का पंजीकरण उसी स्थानीय पते पर होगा। इसके अलावा राज्यभर में नियमित यात्रा करने वाले लोगों के लिए 2500 रुपये का राज्यव्यापी मासिक पास प्रस्तावित किया गया है। इस पास के माध्यम से वाहन चालक बिहार के सभी राज्य टोल प्लाजा पर एक महीने तक बिना अलग-अलग शुल्क दिए अनलिमिटेड यात्रा कर सकेंगे। माना जा रहा है कि इससे व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों, ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोगों और रोजाना लंबी दूरी तय करने वाले वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलेगी।

नई टोल नीति में पहली बार मोटरसाइकिल चालकों के लिए भी स्पष्ट नियम निर्धारित किए गए हैं। यदि किसी टोल सड़क का कोई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं होगा तो बाइक चालकों से टोल नहीं लिया जाएगा। वहीं जहां दूसरा रास्ता उपलब्ध होगा वहां मोटरसाइकिल चालकों को टोल देना होगा, लेकिन उनसे कारों पर लागू टोल शुल्क का केवल 50 प्रतिशत ही वसूला जाएगा। इससे पहले इस संबंध में स्पष्ट व्यवस्था नहीं होने के कारण कई स्थानों पर भ्रम की स्थिति बनी रहती थी।

किसानों को राहत देते हुए सरकार ने कृषि कार्य में उपयोग होने वाले ट्रैक्टरों को पूरी तरह टोल टैक्स से मुक्त रखने का निर्णय लिया है। हालांकि यह छूट केवल उन्हीं ट्रैक्टरों को मिलेगी जिनका पंजीकरण कृषि उपयोग के लिए किया गया है। व्यावसायिक कार्यों में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टरों पर यह छूट लागू नहीं होगी। सरकार का मानना है कि इस फैसले से किसानों की लागत कम होगी और कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

नई टोल पॉलिसी में कुछ विशेष श्रेणी के वाहनों को भी टोल शुल्क से छूट देने का प्रावधान रखा गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की व्यवस्था के अनुरूप विधायक, विधान पार्षद और अन्य निर्धारित श्रेणी के जनप्रतिनिधियों के आधिकारिक वाहनों से टोल नहीं लिया जाएगा। इसके साथ ही पहली बार बिहार के महाधिवक्ता के आधिकारिक वाहन को भी राज्य के सभी स्टेट हाईवे पर टोल शुल्क से छूट देने का प्रस्ताव शामिल किया गया है।

पथ निर्माण विभाग द्वारा तैयार की गई इस नई नीति का उद्देश्य टोल व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना है। विभाग का मानना है कि मासिक पास की सुविधा मिलने से स्थानीय लोगों और नियमित यात्रियों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी, जबकि टोल संग्रह की प्रक्रिया भी अधिक सुगम होगी। सरकार जल्द ही इस नीति को अंतिम मंजूरी देकर लागू करने की तैयारी में है। इसके लागू होने के बाद राज्य के सभी स्टेट हाईवे और संबंधित पुलों पर टोल वसूली इन्हीं नए नियमों के अनुसार की जाएगी।

नया नियम, नई राहत: अब टोल व्यवस्था होगी ज्यादा आसान

बिहार सरकार की नई टोल नीति आम यात्रियों और किसानों को राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। खासकर 250 रुपये का स्थानीय मासिक पास और पूरे राज्य के लिए 2500 रुपये का अनलिमिटेड पास नियमित यात्रा करने वालों की जेब पर पड़ने वाला खर्च कम करेगा। हालांकि इस व्यवस्था का सफल क्रियान्वयन पूरी तरह पारदर्शी निगरानी और प्रभावी संचालन पर निर्भर करेगा।

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